हम भी कभी मुस्कुराया करते थे;
उजाले में भी शोर मचाया करते थे; मेरे हाथों को जला दिया उसी दिए ने, जिसे कभी हम हवा से बचाया करते थे;Wednesday, October 30, 2024
रेत पर नाम कभी लिखते नहीं,
रेत पर नाम कभी लिखते नहीं,
रेत पर नाम कभी टिकते नहीं, लोग कहते है कि हम पत्थर दिल हैं, लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं:उम्र भर सो न सकेंगे किसी के हो ना सकेंगे
:उम्र भर सो न सकेंगे किसी के हो ना सकेंगे
अजनबी तुम हो जाओ गैर हम हो न सकेंगे::
आजकल ऐसा गाना कहाँ है
नसीब बन कर कोई ज़िंदगी में आता हैं,
नसीब बन कर कोई ज़िंदगी में आता हैं,
फिर ख़्वाब बन कर आंखों में समा जाता हैं ,
यकीन दिलाता हैं कि वो हमारा ही है ,
फिर न जाने क्यों वक्त के साथ बदल जाता हैं ।
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