Wednesday, October 30, 2024

नसीब बन कर कोई ज़िंदगी में आता हैं,

 नसीब बन कर कोई ज़िंदगी में आता हैं,

फिर ख़्वाब बन कर आंखों में समा जाता हैं ,

यकीन दिलाता हैं कि वो हमारा ही है ,
फिर न जाने क्यों वक्त के साथ बदल जाता हैं ।

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